अनुलग्‍नक 2

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दूतरफा संचार : भारतीय रिज़र्व बैंक का अनुभव

स्थिति

मीडिया भारतीय रिज़र्व बैंक को लगातार प्रतिसूचना उपलब्‍ध कराती हैं | शीर्ष प्रबंधन दैनिक आधार पर संगत विषयों पर समाचारपत्रों की कतरनों की निकट से निगरानी करता है | संबंधित विभाग भी अपने अभिमत /विचारों के साथ मीडिया में प्रकाशित संगत समाचार मदों की ओर नियमित रूप से ध्‍यान भी आकर्षित करते हैं जिन्‍हें नोट किया जाता हैं अथवा जिन पर चर्चा की जाती है और यदि अपेक्षि‍त हो तो औपचारिक अथवा अनौपचारिक रूप से मीडिया को सूचित किया जाता हैं |‍

वार्षिक नीति वक्तव्य और इसकी मध्‍यावधि समीक्षा को बैकरों के साथ एक बैठक में घोषित किया जाता है और गवर्नर उपायों के पीछे के औचित्‍य की विस्‍तार से व्‍याख्‍या करते हैं| ये नीति बैठकें एकतरफा संवाद नहीं है; बैंकरों को भी अपनी प्रतिसूचना के साथ कोई अन्‍य सुझाव देने के लिए भी प्रोत्‍साहित किया जाता है | नीति घोषणा के बाद गवर्नर प्रेस को संबोधित करते हैं जिसमें वीडियों कान्फ्रेंस के माध्‍यम से क्षेत्रीय प्रेस भी शामिल होता है | प्रेस सम्‍मेलन की विडियों रिकॉर्डिंग को कम- से- कम एक महीने तक भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर रखा जाता है| गवर्नर तथा मौद्रिक नीति के प्रभारी उप गवर्नर अगले कुछ दिनों तक प्रिंट और इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया में साक्षात्‍कार देते हैं | इसके अतिरिक्त रिज़र्व बैंक ने दुतरफे संचार को सुविधा प्रदान करने के लिए वार्षिक नीति वक्‍त और इसकी मध्‍यावधि तथा तिमाही समीक्षाओं की घोषणा के पूर्व हाल में बैकरों, बाजार सहभागियों उधोग प्रतिनिधियों, सहकारी बैंकिंग प्रणाली से प्रतिसूचना प्राप्‍त करना शुरू किया हैं | यह सराहना करना आवश्‍यक है कि संचार नीति की व्‍याख्‍या करने अथवा इस पर प्रतिसूचना प्राप्‍त करने के बारे में हैं बल्कि यह स्‍वयं नीति की दिशा को प्रभावित करने वाले तत्‍वों को भी शामिल कर सकती हैं |

वर्षों के दौरान समितियों और कार्य समूहों की रिपोर्टें रिज़र्व बैंक से संचार की दूसरे पटरी के रूप में उभरी हैं| रिज़र्व बैंक सुनिश्चत करता हैं कि समितियों और कार्य समूहों में वित्तीय क्षेत्र सहभागी अथवा बाजार शामिल हैं | इनमें से कई समितियों की अवधारणा या तो वाार्षिक नीति वक्तव्य अथवा इसकी मध्‍यावधि समीक्षा की प्रक्रिया के दौरान निर्धारित की गई थी ताकि अगली नीति की घोषणा के समय उनकी अनुशंसाएं, विचार अथवा कार्यान्‍वयन के उपलब्‍ध रहें | इसे प्रकार रिज़र्व बैंक के लिए समितियां और कार्य समूह सामूहिक नीति चिंतन के प्रमुख साधन बनें रहे हैं | नीति में प्रमुख बदलाव स्‍टेकधारकों के साथ व्‍यापक चर्चा के बाद अनिवार्यत: लागू किए गए हैं| यह प्रक्रिया अत्‍यधिक विस्‍तृत है और सभी चरणों पर विचार-विमर्श शामिल करती है | पहले कई अवसरों पर किसी समिति का गठन रिज़र्व बैंक अधिकारियों के साथ बाजार सहभागियों को सदस्‍य के रूप में रखते हुए किया जाता हैं | इस समिति की रिपोर्ट वेबसाइट पर सभी स्‍टेकधारकों के अभिमत और प्रतिसूचना के लिए डाला जाता हैं | प्राप्‍त प्रतिसूचना के आधार पर प्रारूप विनियमन तैयार किया जाता है और उन्‍हें पुन: प्रतिसूचना के लिए वेबसाइट पर डाल दिया जाता है| प्राप्‍त की गई प्रतिसूचना के आधार पर विनियमनों को अंतिम रूप दिया जाता है और उन्‍हें कार्यान्‍वयन के लिए प्रस्‍तुत किया जाता है| अक्‍सर बाजार सहभागियों के साथ समिति के पहले परिवर्तन की आवश्‍यकता स्‍थापित करने तथा इस क्षेत्र में प्रचलित अंतर्राष्‍ट्रीय सर्वोतम व्‍यवहार का अध्‍ययन करने के लिए किसी आंतरिक कार्य समूह का गठन किया जाता है|

नीति कार्यान्‍वयन में दुतरफे संचाार के प्रति दूसरा महत्‍वपूर्ण कदम रिज़र्व बैंक बाजार सहभागियों के प्रतिनिधियों, अन्‍य नियंत्रकों (जैसेकि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) अथवा बीमा नियंत्रक और विकास प्राधिकार (आइआरडीए)) और विशेषज्ञों के साथ विभिन्न तकनीकी परामर्शदात्री समितियों (टीएसीट) का गठन हैं | वर्षों के दौरान ऐसी तकनीकी परामर्शदात्री समितियॉं रिज़र्व बैंक की मुख्‍य कार्यपद्धति के इर्द – गिर्द उभरकर आई हैं | मौद्रिक नीति, वितीय बाजार, वितीय विनियमन, सूचना प्राद्योगिकी और लघु और मध्‍यम उद्यमों प्रत्‍येक पर एक तगनीकी परामर्शदात्री समिति हैं | फोरम उन मंचों के रुप में कार्य करते हैं जहॉं रिज़र्व बैंक को बाजार सहभागियों की आवश्‍यकताओं के बारे जानकारी मिलती हैं और जहॉं रिज़र्व बैंक इन मामलों पर अपने पक्ष को संचालित करने में समर्थ हैं और जहॉं रिज़र्व बैंक इन मामलों पर अपने पक्ष को संचालित करने में समर्थ हैं जो परिपत्रों के औपचारिक स्‍वरूपों में दृढ़ता से दिखाई नहीं देते हैं | इन बैठकों के लिए कई कार्यसूची नोट दिू-वार्षिक‍ मौद्रिक नीति घोषणाओं की पृष्‍ठभूमि से तैयार किए जाते हैं | बैंकों तथा अन्‍य बाजार सहभागियों के साथ वार्षिक नीति के पूर्व संसाधन प्रबंधन चर्चा दुतरफे संचार के दूसरे स्‍वरुप के रुप में कार्य करती हैं | राज्‍य वित सचिवों के साथ बैठकें संचार का दूसरा मंच है | रिज़र्व बैंक स्‍टेकधारकों अथवा व्‍यतियों से भी पत्रों और इ-मेल अथवा संचार के किस अन्‍य साधन के माध्‍यम से प्राप्‍त सुझाव और प्रतिसूचना का भी ध्‍यान रखता हैं| व्‍यति भी वैसी सूचना प्राप्‍त करने के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम का उपयोग कर सकते है जिसे वे रिज़र्व बैंक जानना हैं | वास्‍तव में रिज़र्व बैंक ने वर्ष 2007 -2008 के दौरान सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत 5,414 आवेदन प्राप्‍त किए हैं और 5,218 अरवेदनों का पूरी तरह समाधान किया हैं | इनमें से प्राप्‍त किए गए 68 प्रतिशत आवेदनों ने पूरी जानकारी प्राप्‍त की जिसकी मॉंग उन्‍होंने की थी | एक बार आवेदन को सूचना भेज दी जाती हैं और यदि आबादी के बड़े हिस्‍से के लिए इसे उपयोगी पाया जाता हैं तो रिज़र्व बैंक इसे यथा शीघ्र अपने वेबसाइट पर डालने का प्रयत्‍न करता हैं |

सभी क्षेत्रीय कार्यालय और केंद्रिय कार्यालय विभागों में एक सहायता डेस्‍क का गठन किया है जिस तक रिज़र्व बैंक द्धारा कार्रवाई किए जानेवाले विषयों से संबंधित स्‍पष्‍टीकरण के लिए पत्र, ई-मेल, फोन के माध्‍यम से संपर्क स्‍थापित किया जा सकता हैं | वक्‍त किसी स्‍पष्‍टीकरण के लिए संचार विभाग में केंद्रीकृत बाहा्र संपर्क कक्ष से भी संपर्क कर सकते हैं |

रिज़र्व बैंक प्रेस प्रकाशनियों, अधिसूचनाओं, मास्‍टर, परिपत्रों, प्रकाशनों, व्‍याख्‍यानों, अक्‍सर पूछे जानेवाले पश्‍नों और विज्ञापनों के माध्‍यम से सूचना प्रसारित करता हैं | 30 जून 2008 को समाप्‍त वर्ष के दौरान रिज़र्व बैंक ने 1,686 प्रेस प्रकाशानियॉं, 87 मास्‍टर परिपत्र और 388 अधिसूचनाएं जारी की हैं | ई- मेल सहायता डेस्‍ट आम जनता दूारा उठाए गए सवालों का उतर देता हैं | आम जतना के सदस्‍य बैंकिंग, विदेशी मुद्रा, अथर्व्‍यवस्‍था, ग्राहक सेवा से संबंधित अपने प्रश्‍नों का विभित्र विभागों और क्षेत्रीय कार्यालयों में गठित सहायता डेस्‍कों को ई – मेल/टेलिफोन/फैक्‍स के माध्‍यम से सकते हैं | इसके अतिरित ये पश्‍न सूचनाका अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्राप्‍त प्रश्‍नों के अतिरित हैं |

रिज़र्व बैंक बाहरी श्रोताओं से संचार स्‍थपित करने में अपनी वेबसाईट (URL:http:/www.rbi.org.in) का व्‍यापाक उपयोग करता हैं | यह वेबसाईट के आकार से प्रत्‍यक्ष हैं जो जुलाई 2008 में 46 जीबी का था| इस साइट का उपयोग न केवल रिज़र्व बैंक से जारी होने वाली सूचना के के प्रसारण में किया जाता हैं बल्कि इसका उपयोग रिपोर्टों पर प्रतिसूचना और प्रारुप विनियामक दिशानिर्देशों पर भी अनुशंसाओं के लिए किया जाता हैं | उदाहरण के लिए वर्ष 2007-2008 के दौरान 7 प्रारुप दिशानिर्देश वेबसाइट पर प्रतिसूचना के लिए डाले गए थे | लगभग 15,000 उपयोगकर्ताओं ने रिज़र्व बैंक द्धारा जारी सूचना प्राप्‍त करने के लिए इस साइट तक पहुँच बनाई हैं |

 
 
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