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सरकारी पेंशन भोगि‍यों को पेंशन का भुगतान

प्राधि‍कृत बैंकों द्वारा सरकारी पेंशन भोगि‍यों को पेंशन भुगतान के लि‍ए योजना

भारतीय रि‍जर्व बैंक, सभी केंद्रीय सरकार के वि‍भागों और कुछ राज्य सरकारों को, एजेंसी बैंकों द्वारा कि‍ए गए पेंशन संवि‍तरण पर नि‍गरानी रखता है। हमें पेंशनभोगियों से पेंशन के निर्धारण, गणना और पेंशन का भुगतान, जि‍समें समय समय पर पेंशन/महंगाई राहत में संशोधन, एक बैंक शाखा से दूसरे बैंक शाखाओं में पेंशन खातों का अंतरण आदि‍ शामि‍ल है, से संबंधित अनेक पूछताछ/ शि‍कायतें प्राप्त हों रही है। हमने पूछताछ/शि‍कायतों, पेंशन भोगि‍यों के अधि‍कारों और कर्तव्यों का वि‍श्लेषण कि‍या और इन्हें अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर के रूप में प्रस्तुत किया है। आशा है कि इसमें पेंशनभोगियों के मन में उठने वाले अधिकतर प्रश्न/शंकाएं सम्मिलित होगी।

1. क्या पेंशन भोगी, पेंशन का, बैंक शाखा से आहरण कर सकेगा?

हां। इसके पहले अपनी पेंशन, राजकोष या डाकघर से आहरि‍त करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए भी, प्राधि‍कृत बैंक शाखाओं से अपना पेंशन आहरण करने का वि‍कल्प उपलब्ध है।

2. पेंशन स्वीकृति‍ प्राधि‍कारी कौन है?

वह मंत्रालय/वि‍भाग/कार्यालय, जहां सरकारी सेवक ने अंत में सेवा की थी, पेंशन स्वीकृति‍ प्राधि‍कारी है। पहली बार इस प्राधि‍कारी द्वारा पेंशन का नि‍र्धारण कि‍या जाता है और उसके बाद का वेतन नि‍र्धारण, अगर कोई हों तो, पेंशन का भुगतान करने वाली बैंक द्वारा केंद्रीय/राज्य सरकार प्राधि‍कारी द्वारा प्राप्त अनुदेशों के आधार पर किया जाता है।

3. क्या पेंशनभोगी के लि‍ए यह आवश्यक है कि‍ वह पेंशन की राशि‍ जमा करने हेतु प्राधि‍कृत बैंक में अलग से पेंशन खाता खोले?

पेंशनभोगी को अलग से पेंशन खाता खोलने की आवश्यकता नहीं है। पेंशनभोगी द्वारा दर्शाई गई चयनि‍त शाखा में अनुरक्षित वर्तमान बचत/चालू खाते में पेंशन जमा की जा सकती है।

4. क्या पेंशनभोगी, पति‍ /पत्नी के साथ, उसका /उसकी संयुक्त खाता खोल सकता है?

हां। सभी केंद्रीय सरकार के पेंशनभोगी और उन राज्य सरकारों के पेंशनभोगी, जिन राज्य सरकारों ने ऐसी व्यवस्था स्वीकार की है, अपने पति‍/पत्नी के साथ, संयुक्त खाता खोल सकते है।

5. क्या पेंशनभोगी का पति/पत्नी के साथ संयुक्त –खाता, “पहला या उत्तरजीवी” अथवा “कोई एक या उत्तरजीवी" आधार पर परि‍चालि‍त कि‍या जा सकता है?

हां। पेंशनभोगी का पति/पत्नी के साथ संयुक्त –खाता, “पहला या उत्तरजीवी” अथवा “कोई एक या उत्तरजीवी” आधार पर परि‍चालि‍त कि‍या जा सकता है।

6. क्‍या पेंशनर की मृत्‍यु के पश्‍चात उसके द्वारा धारित संयुक्‍त खाता परिवार पेंशन के लिए जारी रखा जा सकता है?

हां। बॅंकों को केन्‍द्रीय सरकार पेशनरों के मामले में नया खाता खोलने के लिए नहीं कहना चाहिए यदि उत्‍तरजीवी पति/पत्‍नी के पक्ष में पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) में प्राधिकार उपलब्‍ध है तो परिवार पेंशन उसी खातें में, इस उद्देश्‍य के लिए नया खाता न खोलते हुए, क्रेडिट की जानी चाहिए ।

7. बैंक में अनुरक्षित पेंशन खाते में कि‍तनी न्यूनतम शेष राशि‍ रखी जानी चाहि‍ए?

भारतीय रिज़र्व बैंक ने, पेंशनभोगी के द्वारा पेंशन खाते में न्यूनतम कि‍तनी राशि‍ रखी जाए, यह नि‍र्धारि‍त नहीं किया है। इस संबंध में वैयक्ति‍क बैंकों ने अपने स्वयं के नि‍यम बनाए है। तथापि‍, कुछ बैंकों ने पेंशनभोगी के खाते में शून्य शेष की अनुमति‍ भी दी है ।

8. प्राधि‍कृत बैंक शाखा को पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) कौन भेजता है?

मंत्रालय /वि‍भागों/राज्य सरकारों के संबंधि‍त पेंशन भुगतान प्राधि‍कारी, उन बैंक शाखाओं को पेंशन भुगतान आदेश अग्रेषित करते है, जहां से पेंशनभोंगी अपना/अपनी पेंशन आहरि‍त करना चाहता है।

9. भुगतान शाखा द्वारा पेंशनभोगी के खाते में, पेंशन कब जमा की जाती है?

भुगतानकर्ता बैंक शाखा द्वारा पेंशन, मार्च के महीने को छोड़कर (जिसके लिए पेंशन अप्रैल के प्रथम कार्यदिवस पर या इसके पश्चात जमा की जाती है), पेंशन शाखा की सुवि‍धा के अनुसार, महीने के अंति‍म चार कार्य दि‍वसों पर जमा की जाती है।

10. क्या पेंशनभोगी अपना पेंशन खाता उसी बैंक के एक शाखा से दूसरी शाखा में अथवा अन्य बैंक की शाखा में स्थानांतरित कर सकता है?

क) पेंशनभोगी, अपना पेंशन खाता, एक ही केंद्र में अथवा दूसरे केंद्र में, उसी बैंक की एक शाखा से दूसरी शाखा में स्थानांतरित कर सकता है।

ख) वह उसी केन्द्र के भीतर, एक प्राधि‍कृत बैंक से दूसरी प्राधि‍कृत बैंक में, अपना खाता स्थानांतरित कर सकता/सकती है। (इस प्रकार का स्थानांतरण वर्ष में केवल एक बार करने की अनुमति‍ है।)

ग) वह अलग- अलग केन्द्रों पर स्थित एक प्राधि‍कृत बैंक से दूसरी प्राधि‍कृत बैंक में अपना खाता स्थानांतरित कर सकता/सकती है।

11. पेंशन भुगतान आदेश को दूसरी शाखा अथवा बैंक, जैसा भी मामला हो, में स्थानांतरित करने के मामले में, पेंशन का भुगतान के लि‍ए क्या कार्रवाई करनी होगी?

पेंशनभोगी को, अंतरणकर्ता शाखा(पुरानी) में अंतिम बार किए गए भुगतान की तारीख से, 3 महीने तक, अंतरिती(नई) शाखा द्वारा, पेंशन भुगतान आदेश की फोटोप्रति के आधार पर, पेंशन का भुगतान कि‍या जाएगा। इस दौरान दोनो शाखाओं(पुरानी और नई) को यह सुनि‍श्चि‍त कर लेना चाहि‍ए कि‍ तीन महीनों की अवधि में अंतरि‍ती शाखा को सभी आवश्यक दस्तावेज प्राप्त हो गए है।

12. क्या यह आवश्यक है कि‍ पेंशनभोगी को, पेंशन प्रारंभ होने के पहले पहचान हेतु, दस्तावेजों सहि‍त, बैंक की शाखा में उपस्थि‍त होना चाहि‍ए?

हां। पेंशन शुरू होने से पहले, पेंशनभोगी को पहचान हेतु, भुगतानकर्ता शाखा में उपस्थि‍त होना चाहि‍ए। भुगतान शाखा पेंशनभोगी से नमूना हस्ताक्षर अथवा हाथ/ पैर के अंगूठे की छाप लेगी।

13. बैंक शाखा द्वारा कौन सी प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जब पेंशनभोगी वि‍कलांग/ अक्षम और भुगतान शाखा में उपस्थित होने में असमर्थ है?

अगर पेंशनभोगी, शारीरिक वि‍कलांग/अक्षम है और बैंक शाखा में जाने के लि‍ए असमर्थ है, तो वैयक्ति‍क उपस्थि‍ति से छूट दी जाएगी। ऐसे मामले में, बैंक के अधि‍कारी, उनकी पहचान हेतू और नमूना हस्ताक्षर अथवा हाथ /पैर के अंगूठे की छाप के लि‍ए, वेतनभोगी के घर/अस्पताल जाएंगे।

14. क्या पेंशनभोगी को अधि‍कार है कि‍ वह पेंशन भुगतान आदेश का आधा हि‍स्सा अपने रि‍कार्ड के लि‍ए रखे और इसे भुगतानकर्ता शाखा से, मूल पेंशन, महंगाई राहत आदि‍ में संशोधन होने से परिवर्तन होने पर अद्यतन करवाएं?

हां। पेंशनभोगी, पेंशन भुगतान आदेश का आधा भाग, अपने पास रि‍कार्ड के लि‍ए रख सकता है और जब भी मूल पेंशन/महंगाई राहत में संशोधन हो, तब भुगतानकर्ता शाखा, पेंशनभोगी के पेंशन भुगतान आदेश के आधे हि‍स्से में, सरकारी आदेश/अधि‍सूचना के अनुसार आवश्यक बदलाव रि‍कार्ड कर, इसे पेंशनभोगी को लौटाएं।

15. क्या पेंशन भुगतान शाखा को अपने द्वारा कि‍ए गए पेंशन भुगतान का वि‍वरणात्मक ब्यौरा नि‍र्धारि‍त प्रारुप में अनुरक्षि‍त करना होता है?

हां। पेंशन भुगतान शाखा को, समय-समय पर कि‍ए गए पेंशन भुगतानों का वि‍वरणात्मक ब्यौरा, प्राधि‍कृत अधि‍कारी द्वारा विधिवत सत्यापित करवाकर अनुरक्षि‍त करना होता है।

16. क्या पेंशन भुगतानकर्ता बैंक, पेंशनभोगी के खाते में किए गए अधि‍क भुगतान को वसूल कर सकता है?

हां। भुगतानकर्ता शाखा, पेंशन जारी करने से पहले, पेंशनभोगी से विहित प्रारूप में, इस आशय का घोषणापत्र लेती है और कि‍सी वास्तवि‍क जानकारी देरी से मि‍लने या अन्य कि‍सी वास्तविक गलती के कारण, पेंशनभोगी के खाते में हुए अधि‍क भुगतान की वसूली कर सकती है। बैंक, मृतक पेंशनभोगी के खाते में कि‍ए गए पेंशन के अधि‍क भुगतान को, उसके कानूनी उत्तराधि‍कारी/नामिती से भी वसूल कर सकता है।

17. क्या नवंबर माह में, पेंशनभोगी द्वारा, बैंक को जीवि‍त होने का/ रोजगार में नहीं होने का या रोजगार में होने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनि‍वार्य है?

हां। पेंशनभोगी को नवंबर माह में जीवि‍त होने/रोजगार में न होने या होने का प्रमाणपत्र बैंक को प्रस्तुत करना होता है। हालांकि‍, यदि‍ पेंशनभोगी गंभीर बीमारी /अक्षमता के कारण प्राधि‍कृत बैंक अधि‍कारी से जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त करने में असमर्थ है तो बैंक अधिकारी उसके घर/अस्पताल जाकर जीवन प्रमाणपत्र रि‍कार्ड करेंगें।

18. क्या पेंशनभोगी को, मुख्तारनामा धारक के माध्यम से, अपना खाता परि‍चालि‍त करने के अनुमति दी जा सकती है?

खाता, मुख्तारनामा धारक द्वारा परि‍चालि‍त नहीं किया जा सकता है। हालांकि‍ खाते से स्थायी नि‍र्देश पर नि‍धि‍ अंतरण एवं चेक बुक की सुवि‍धा उपलब्ध है।

19. पेंशन भुगतान में से स्त्रोत पर कर कटौती के लि‍ए कौन जि‍म्मेदार है?

पेंशन भुगतानकर्ता शाखा, आयकर प्राधि‍कारि‍यों द्वारा समय समय पर नि‍र्धारि‍त दरों पर, पेंशन राशि‍ से आयकर की कटौती हेतु जि‍म्मेदार है। पेंशन राशि से ऐसे कर की कटौती करते समय, पेंशन भुगतानकर्ता शाखा, पेंशनरों को आयकर अधि‍नि‍यम के अंतर्गत मिलने वाली राहत को, स्त्रोत से घटाएगी। भुगतानकर्ता शाखा, प्रति‍वर्ष अप्रैल में, विहित प्रारुप में, कर कटौती का प्रमाणपत्र, पेंशनभोगी को जारी करती है। यदि‍ पेंशनभोगी कर देयता से मुक्त है तो विहित प्रारुप (15 एच) में पेंशन भुगतानकर्ता शाखा को घोषणापत्र प्रस्तुत करें।

20. क्या वृद्ध, बीमार, वि‍कलांग पेंशनभोगी जोकि‍ हस्ताक्षर करने में असमर्थ है, पेंशन खाता खोल सकता है या पेंशन खाते से पेंशन आहरण कर सकता है?

ऐसा पेंशनभोगी, जोकि‍ वृद्ध, बीमार या अपने दोनों हाथ खो चुका हो और हस्ताक्षर न कर सकता हो, अपने हाथ या पैर के अंगूठे या कोई अन्य नि‍शान, पेंशन खाता खोलने के फार्म में लगा सकता है। पेंशन आहरण करते समय, वह हाथ या पैर के अंगूठे का नि‍शान, चेक/आहरण फार्म पर लगा सकता है, जि‍सकी दो स्वतंत्र साक्षि‍यों, जि‍समें एक का बैंक अधि‍कारी होना आवश्यक है और दोनों को बैंक में परिचित होना जरुरी है, के द्वारा पहचान की जानी चाहि‍ए ।

21. यदि‍ पेंशनभोगी, हस्ताक्षर करने या हाथ/पैर का अंगूठा लगाने या बैंक में उपस्थि‍त होने में असमर्थ है तो क्या वह अपने खाते से पेंशन आहरण कर सकता है?

ऐसे मामलों में पेंशनभोगी चेक/आहरण फार्म पर कोई भी नि‍शान लगा सकता है और बैंक को यह दर्शा सकता है कि‍ चेक/आहरण फार्म के आधार पर बैंक से, कौन पेंशन आहरण करेगा। ऐसे व्यक्ति‍ की पहचान दो स्वतंत्र साक्षि‍यों द्वारा की जानी चाहि‍ए। बैंक को उस व्यक्ति‍ से, जो वास्तवि‍क तौर पर बैंक से राशि ‍का आहरण कर रहा है, अपने नमूना हस्ताक्षर, बैंक में देने के लिए कहना चाहि‍ए।

22. परि‍वार पेंशन कब प्रारंभ होती है?

परि‍वार पेंशन, पेंशनभोगी की मृत्यु पर प्रारंभ होती है। परि‍वार पेंशन, पेंशन भुगतान आदेश में दर्शित व्यक्ति‍ को, मृत्यु प्रमाणपत्र एवं नामिती से आवेदन प्राप्त होने पर देय होती है ।

23. पेंशनरों को संशोधि‍त दर पर महंगाई राहत का भुगतान कैसे होता है?

जब भी पेंशन/परि‍वार पेंशन पर सरकार द्वारा कोई अतिरिक्त राहत स्वीकृत की जाती है तो इसे एजेंसी बैंकों को, अपनी पेंशन भुगतानकर्ता शाखाओं को, पेंशनरों को भुगतान करने के उचित नि‍र्देश जारी करने हेतु, अविलंब सूचि‍त कि‍या जाता है। सरकारी वि‍भागों द्वारा जारी आदेश उनकी वेबसाईट पर प्रदर्शि‍त कि‍ए जाते है, एवं बैंकों को, इन अद्यतन नि‍र्देशों को वेबसाईट पर देखकर, भारतीय रि‍ज़र्व बैंक के नि‍र्देशों की प्रतीक्षा कि‍ए बि‍ना, पालन करने के लिए नि‍र्देशि‍त कि‍या गया है।

24. क्या पेंशनभोगी को पेंशन पर्ची मि‍लती है?

हां। केन्द्रीय सरकार (सि‍वि‍ल, रक्षा, रेल्वे) के नि‍र्णय के अनुसार, पेंशन भुगतानकर्ता बैंकों को, यह नि‍र्देश दि‍या गया है कि‍ पहली बार पेंशन भुगतान करते समय और फि‍र मूल पेंशन में संशोधन या महंगाई राहत में संशोधन के कारण, पेंशन की राशि‍ बदलने पर, वि‍हि‍त प्रारुप में पेंशन पर्ची जारी की जाएं।

25. अपनी शि‍कायतों के नि‍पटान के लि‍ए पेंशनभोगी कि‍स अधि‍कारी से संपर्क करें?

पेंशनभोगी, अपनी शि‍कायत के नि‍वारण के लि‍ए प्रथमत: संबंधि‍त शाखा प्रबंधक एवं तत्पश्चात संबंधि‍त बैंक के प्रधान कार्यालय से संपर्क करें। वे भारतीय रि‍ज़र्व बैंक की बैंकिंग लोकपाल योजना 2006 के अंतर्गत संबंधि‍त राज्य के बैंकिंग लोकपाल से संपर्क कर सकते है (वि‍वरण भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाईट www.rbi.org.in पर उपलब्ध है।) यह बैकों द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं से संबंधित शिकायतों के लिए ही लागू है। अन्य मामलों में शि‍कायतकर्ता संबंधित पेंशन भुगतानकर्ता प्राधि‍कारी से संपर्क करें।

26. पेंशनभोगी, पेंशन/महंगाई राहत में परि‍वर्तन या पेंशन संबंधी मामलों के लि‍ए जानकारी कहां से प्राप्त करें?

पेंशनभोगी, पेंशन संबंधी मामलों की जानकारी प्राप्त करने के लिए, सबंधि‍त सरकारी वि‍भाग की वेबसाईट और भारतीय रि‍ज़र्व बैंक की वेबसाईट (www.rbi.org.in) भी देखें।

27. क्या पेंशनभोगी, पेंशन / पेंशन बकाया की देरी से जमा के लिए, एजेंसी बैंकों से क्षतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए पात्र है?

हां। पेंशनभोगी, पेंशन/पेंशन बकाया के देरी से जमा होने पर, 8% की निश्चित दर पर, क्षतिपूर्ति का पात्र है और इसे बैंक द्वारा, पेंशनभोगी के खाते में, पेंशनभोगी द्वारा किसी दावे की प्रतीक्षा किए बिना, स्वतः ही उस दिन जमा किया जाना है, जिस दिन, बैंक, ऐसे पेंशन/पेंशन बकाया को देरी से जमा करता है।


ये अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा केवल सूचना और सामान्य मार्गदर्शन के उद्देश्य से जारी किए गए है। बैंक इसके आधार पर की गई कार्रवाई/लिए गए निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।वाचक, स्पष्टीकरण या व्याख्या के लिए, यदि कोई हो तो, बैंक और सरकार द्वारा समय-समय पर जारी संबधित परिपत्रों और अधिसूचनाओं से मार्गदर्शन प्राप्त करें।

 
 
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