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मुद्रा तिजोरियां खोलने हेतु सरलीकृत क्रियाविधि

भारिबैं/2014-15/571
डीसीएम(सीसी) सं.जी-13/4553/03.39.01/2014-15

23 अप्रैल 2015

अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक
मुख्य कार्यपालक अधिकारी/प्रबंध निदेशक
सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक

महोदया/महोदय

मुद्रा तिजोरियां खोलने हेतु सरलीकृत क्रियाविधि

कृपया “मुद्रा तिजोरियों के सुरक्षित कक्ष/वाल्ट” के विनिर्माण से संबन्धित 2 जनवरी 2012 के हमारे परिपत्र डीसीएम(सीसी)सं.2991/03.39.01/2011-12 का संदर्भ लें | नयी मुद्रा तिजोरियों की स्थापना के लिए निर्धारित वर्तमान अनुदेशों की समीक्षा की गयी और यह निर्णय लिया गया है कि अनुमोदनों के विभिन्न चरणों को समाप्त किया जाएँ | निम्नलिखित सरलीकृत मार्गदर्शी सिद्धांतों का अत्यंत सतर्कता से पालन किया जाएं –

अ) अंतर्राष्ट्रीय सीमा/विद्रोह से प्रभावित क्षेत्र से नजदीकी स्थान

  1. यदि, मुद्रा तिजोरी का प्रस्तावित स्थापन क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय सीमा से 80 किलोमीटर के भीतर है जो राज्य की राजधानी या छावनी क्षेत्र नहीं है, तो बैंक सुरक्षा अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक के क्षेत्रीय कार्यालयों (आर ओ) से संपर्क करें | किसी भी परिस्थिति में, आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र की प्राप्ति से पूर्व विनिर्माण कार्य आरंभ नहीं किया जा सकता है |

  2. विनिर्माण कार्य आरंभ करने से पहले, बैंक अन्य एजेंसियों से सभी प्रकार के आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने पर भी ध्यान दें |

  3. 14 नवम्बर 2008 के परिपत्र डीसीएम(सीसी)सं. जी-18/ 03.39.01/2008-09 के अनुसार, विनिर्माण के लिए निर्धारित तकनीकी विनिर्देशों का पूर्णतः अनुपालन बैंक द्वारा सुनिश्चित किया जाना चाहिए |

  4. विनिर्माण पूर्ण होने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय से अंतिम अनुमोदन प्राप्त किया जाएं| किसी भी प्रकार के परिवर्तन, को अनुमति नहीं दी जाएगी या उसपर विचार नहीं किया जाएगा तथा विनिर्देशों के पालन में किसी भी प्रकार की कमी को स्वीकृति नहीं दी जाएगी|

ब) अन्य सभी स्थान

  1. बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक के संबन्धित क्षेत्रीय कार्यालय को जिनके क्षेत्राधिकार में मुद्रा तिजोरी का विनिर्माण किया जाना है, सूचना देने के बाद किसी भी स्थान पर नयी मुद्रा तिजोरी का विनिर्माण कर सकते हैं|

  2. विनिर्माण कार्य आरंभ करने से पहले, बैंक अन्य एजेंसियों से सभी प्रकार के आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने पर भी ध्यान दें |

  3. 14 नवम्बर 2008 के परिपत्र डीसीएम(सीसी)सं.जी-18/03.39.01/2008-09 के अनुसार, विनिर्माण के लिए निर्धारित तकनीकी विनिर्देशों का पूर्णतः अनुपालन बैंक द्वारा सुनिश्चित किया जाना चाहिए |

  4. विनिर्माण पूर्ण होने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय से अंतिम अनुमोदन प्राप्त किया जाएं| किसी भी प्रकार के परिवर्तन, को अनुमति नहीं दी जाएगी या उसपर विचार नहीं किया जाएगा तथा विनिर्देशों के पालन में किसी भी प्रकार की कमी को स्वीकृति नहीं दी जाएगी|

अब तक के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों तथा निजी क्षेत्र के बैंकों द्वारा मुद्रा तिजोरियों की स्थापना के लिए, हमारे क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा अनुमोदन दिया जाना जारी रहेगा| अन्य सभी बैंक(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक और विदेशी बैंक) मुद्रा तिजोरियों की स्थापना के लिए मुद्रा प्रबंध विभाग, केन्द्रीय कार्यालय, मुंबई से अनुमोदन प्राप्त करना जारी रखें| उक्त अनुमोदन सामान्यतः 30 दिनों के भीतर प्रदान किए जाएंगे बशर्ते, वह विनिर्माण विनिर्देशों के अनुरूप हो |

भवदीया

(उमा शंकर)
मुख्य महाप्रबंधक

 
 
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