|
भारतीय रिज़र्व
बैंक(सरकारी
और बैंक लेखा विभाग)
(केंद्रीय कार्यालय)
अधिसूचना सं.
237 दिनांक दिसंबर
4, 2009
(भारत का राजपत्र
– असाधारण – भाग
III – खंड 4 में प्रकाशित)
सहायक सामान्य
खाता बही: पात्रता
मानदंड और परिचालन-दिशानिर्देश
सरकारी प्रतिभूति
अधिनियम, 2006 (2006 का 38)
की धारा 4 द्वारा
प्रदत्त शक्तियों
का प्रयोग करते
हुए भारतीय रिज़र्व
बैंक (रिज़र्व
बैंक) सहायक सामान्य
लेजर (एसजीएल)
खाता खोलने एवं
रखने के लिए निम्नलिखित
शर्तें एवं सीमाएं
निर्दिष्ट करता
है।
I. पात्रता
मानदंड:
निम्नलिखित संस्थाएं
रिज़र्व बैंक में
एसजीएल खाता खोलने
एवं रखने हेतु
पात्र हैं:
(i) भारतीय रिज़र्व
बैंक अधिनियम,
1934 (1934 का 2) की द्वितीय
अनुसूची में फिलहाल
शामिल बैंक।
(ii) प्राथमिक व्यापारी।(iii)
केन्द्र सरकार।(iv)
राज्य सरकारें।(v)
बीमा विनियामक
एवं विकास प्राधिकरण
द्वारा विनियमित
बीमा कंपनियां।(vi)
भारतीय प्रतिभूति
एवं विनिमय बोर्ड
द्वारा विनियमित
पारस्परिक निधियां।
(vii) भारतीय रिज़र्व
बैंक अधिनियम,
1934 (1934 का 2) की धारा 45-I (सी)
(ii) के अनुसार यथा
परिभाषित वित्तीय
संस्थाएं। (viii) सरकारी
प्रतिभूतियों
में 500 करोड़ रुपए
या उससे अधिक राशि
का निवेश रखने
वाली भविष्य एवं
पेंशन निधियां।
(ix)पूर्व अनुमोदन
प्राप्त विदेशी
केन्द्रीय बैंक।
(x) पेंशन निधि विनियामक
और विकास प्राधिकरण
द्वारा विनियमित
पेंशन निधि प्रबंधक।
2. इसके अलावा, निम्नलिखित
संस्थाएं भी बैंक
में एसजीएल खाता
खोल एवं रख सकती
हैं:
(क) नेशनल सिक्यूरिटीज़
डिपॉज़िटरी लिमिटेड।(ख)
सेंट्रल डिपॉज़िटरी
सर्विसेस (इंडिया)
लिमिटेड।(ग) स्टॉक
होल्डिंग कार्पोरेशन
ऑफ इंडिया लिमिटेड।(घ)भारतीय
रिज़र्व बैंक द्वारा
समय-समय पर यथा
अनुमोदित अन्य
संस्थाएं।
II. एसजीएल
खाता खोलने एवं
रखने के लिए शर्तें:
-
कोई पात्र संस्था
एक ही एसजीएल खाता
खोलेगी एवं बनाए
रखेगी, जब तक कि
उसे भारतीय रिज़र्व
बैंक द्वारा कोई
अतिरिक्त एसजीएल
खाता खोलने की
विशेष अनुमति नहीं
दी जाती।
-
कोई भी एसजीएल
खातेदार किसी ग्राहक
की सहायक सामान्य
खाता बही (सीएसजीएल)
खातेदार के पास
एसजीएल खाता खोलने
के लिए पात्र नहीं
होगा। तथापि, कोई
एसजीएल खातेदार
निक्षेपागार सहभागी
के माध्यम से निक्षेपागार
में अमूर्तीकृत
खाता रिज़र्व बैंक
द्वारा अनुमोदित
प्रयोजनों के लिए
खोल एवं रख सकता
है। साथ ही, भारतीय
रिज़र्व बैंक के
पास एसजीएल खाता
रखनेवाला खातेदार
नियामक / मार्जिन
के प्रयोजन के
लिए कतिपय संस्थाओं
के पास ग्राहकों
का खाता खोल सकता
है, बशर्ते कि भारतीय
रिजर्व बैंक से
इस प्रयोजन हेतु
विशिष्ट अनुमोदन
प्राप्त कर लिया
गया हो।
-
एक एसजीएल खाते
से दूसरे एसजीएल/सीएसजीएल
खाते में सरकारी
प्रतिभूतियों
के मूल्य मुक्त
अंतरण (वीएफटी)
की अनुमति भारतीय
रिज़र्व बैंक द्वारा
मामला-दर-मामले
के आधार पर निक्षेपगारों
के साथ स्वयं के
डिमैट खाते में
प्रतिभूतियों
के अंतरण अथवा
मार्जिन अपेक्षा
संबंधी प्रतिभूतियों
के अंतरण अथवा
भारतीय समाशोधन
निगम लिमिटेड के
संपार्श्वीकृत
उधार और ऋणदायी
परिचालनों अथवा
समय समय पर रिज़र्व
बैंक द्वारा यथा
अनुमोदित अन्य
किसी प्रयोजनों
के लिए दी जा सकती
है।
-
एसजीएल खातेदार
भारतीय समाशोधन
निगम लिमिटेड द्वारा
समय-समय पर यथा
अनुमोदित किसी
निर्दिष्ट निपटान
बैंक के पास एक
निपटान खाता रखेगा
ताकि रिज़र्व बैंक
एसजीएल खाते से
संबंधित लेनदेनों
की निधियों का
निपटान कर सके।
इस प्रयोजन के
लिए एसजीएल खातेदार
को रिज़र्व बैंक
में इस शर्त के
अधीन एक चालू खाता
या आरटीजीएस निपटान
खाता रखने की अनुमति
दी जा सकती है कि
इसके लिए मौजूदा
नीति के अनुसार
रिज़र्व बैंक का
विशेष अनुमोदन
प्राप्त कर लिया
गया हो।
-
एसजीएल खाता खोलने
वाली संस्था एक
आवेदन पत्र, क्षतिपूर्ति
बांड एवं बैंक
द्वारा समय-समय
पर लिए गये निर्णयानुसार
अन्य दस्तावेज़,
जिनमें संबंधित
नियामक का अनुमोदन
भी शामिल है, भी
प्रस्तुत करेगी।
-
भारतीय रिज़र्व
बैंक द्वारा समय-समय
पर लिए जाने वाले
निर्णयानुसार
रिज़र्व बैंक के
लोक ऋण कार्यालयों
में एसजीएल खाता
खोला जा सकता है।
-
खातेदारों द्वारा
एसजीएल खाता बंद
किया जा सकता है
जिसके लिए उन्हें
खाता बंद करने
का/के कारण एवं
संबंधित एसजीएल
खाते में धारित
सरकारी प्रतिभूतियों
के संबंध में रिज़र्व
बैंक द्वारा अपेक्षित
कार्रवाई, यदि
कोई हो, का उल्लेख
करते हुए आवेदन
पत्र प्रस्तुत
करना होगा।
-
एसजीएल खाते की
सुविधा का किसी
भी प्रकार का दुरुपयोग
सरकारी प्रतिभूति
अधिनियम, 2006 (2006 का 38)
की धारा 27 के अंतर्गत
दंडनीय होगा।
(एच. आर.खान )
कार्यपालक निदेशक
|